गंगा का बढ़ा जलस्तर, गंगा पथ पर 500 दुकानों तक पहुंचा पानी
रोजी-रोटी पर संकट, दुकानदारों का दर्द- ‘बोहनी तक मुश्किल, सामान भी डूबा’; प्रशासन से मदद की मांग

पटना। गंगा के बढ़ते जलस्तर ने पटना के जेपी गंगा पथ से जुड़े छोटे दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दीघा घाट के आसपास गंगा का पानी आगे बढ़ने से राजधानी के प्रमुख फूड हब में लगी करीब 500 दुकानों तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है। कई दुकानदारों का सामान भी पानी में डूब गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
पानी बढ़ने के बाद कई दुकानदार ठेले और सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले जहां रोजाना कुछ कमाई हो जाती थी, अब ग्राहक नहीं पहुंच रहे और कई बार दिनभर दुकान लगाने के बावजूद बोहनी तक नहीं हो रही।
दुकानदार बोले- पानी आया तो कमाई भी बंद
चाट दुकानदार नंदकिशोर दास ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद दुकानदारों को ऊपर जेपी गंगा पथ पर दुकान लगाने की बात कही गई थी, लेकिन वहां से भी हटाया गया। उनका आरोप है कि सामान जब्त किए जाने की बात कहे जाने से दुकानदार परेशान हैं।
उन्होंने बताया कि आसपास पानी और गीले कचरे के कारण बदबू की समस्या भी बढ़ गई है। दुकान से सामान चोरी होने की शिकायत भी उन्होंने पुलिस से करने की बात कही।
नंदकिशोर ने कहा कि दुकान लगाकर बैठे रहने के बावजूद ग्राहक नहीं आते। उन्होंने सरकार से नाराजगी जताते हुए कहा कि अब उन्हें प्रशासन से मदद की उम्मीद है।
तीन घंटे तक ग्राहक का इंतजार
बटाटापुरी दुकानदार मुन्ना महतो ने बताया कि पानी आने के बाद उन्हें इधर-उधर ठेला लगाना पड़ रहा है। पुलिस की ओर से भी कई जगह से हटाया जाता है। उनके मुताबिक, ठेला लगाकर तीन घंटे तक खड़े रहने के बावजूद ग्राहक नहीं आते।
उन्होंने बताया कि अटल पथ के पास बनाए गए वेंडिंग जोन में दुकान लगाने के लिए कहा गया, लेकिन वहां लाइट और साफ-सफाई की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से परेशानी बनी हुई है।
पानी में डूबा सामान, बढ़ा कर्ज का बोझ
पाव भाजी दुकानदार भोला शर्मा पिछले करीब चार साल से गंगापथ पर दुकान लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पानी बढ़ने से उनका काफी सामान डूब गया और नुकसान हुआ है।
उनका कहना है कि पहले दुकानदारों को नीचे भेजा गया और बाद में दूसरी जगह उपलब्ध कराने की उम्मीद दी गई। कई दिनों तक इंतजार के बाद भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिलने से दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
भोला शर्मा के मुताबिक, पहले से कर्ज का बोझ है और अब कारोबार प्रभावित होने से आर्थिक संकट और बढ़ गया है।
पानी के बहाव से जमा हो रही गिट्टी-पत्थर
लिट्टी-चोखा दुकानदार प्रमोद साव ने बताया कि पानी के बहाव के साथ पत्थर और गिट्टी दुकानों के आसपास जमा हो रही है। इससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी हो रही है।
उन्होंने बताया कि दो दिन ऊपर गंगा पथ पर दुकान लगाने के बाद उन्हें वहां से भी हटा दिया गया।
नगर निगम ने कहा- अभी कोई आदेश नहीं
पटना नगर निगम की ओर से कहा गया है कि फिलहाल मरीन ड्राइव के दुकानदारों को हटाने या बसाने को लेकर कोई नया निर्देश नहीं दिया गया है। निगम के अनुसार दुकानदार अपनी सुविधा के अनुसार दुकानें लगा रहे हैं।
नगर निगम ने बताया कि जलस्तर बढ़ने के बाद दुकानदारों को टूरिस्ट घाट की ओर जाने के लिए कहा गया था। फिलहाल दुकानदारों को न तो हटाया जा रहा है और न ही किसी नए स्थान पर बसाया जा रहा है।
निगम के अनुसार यदि ऊपर से आदेश मिलता है तो जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।




