हरियाणा रोडवेज की 5-6 सितंबर की हड़ताल स्थगित
सरकार ने यूनियन नेताओं को वार्ता के लिए बुलाया, फिलहाल टला चक्का जाम; मांगों पर सहमति नहीं बनी तो 21-22 सितंबर को हड़ताल की तैयारी

हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों की 5 और 6 सितंबर को प्रस्तावित चक्का जाम हड़ताल फिलहाल स्थगित कर दी गई है। हड़ताल की घोषणा के बाद सरकार ने यूनियन पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया है, जिसके बाद यूनियन नेताओं ने वीसी के जरिए बैठक कर आंदोलन को टालने का फैसला लिया। सिरसा डिपो के प्रधान पृथ्वी सिंह के अनुसार सरकार के साथ वार्ता का रास्ता खुला है और कर्मचारियों को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए उनकी लंबित मांगों का समाधान किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने कहा कि यदि वार्ता में मांगों पर सहमति नहीं बनती है तो 21 और 22 सितंबर को हड़ताल की तारीख तय रखी गई है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ड्राइवर और कंडक्टर का पे-ग्रेड बढ़ाना, परिचालकों को तीन अतिरिक्त वेतन वृद्धि देना, जोखिम भत्ता लागू करना, 10 साल से लंबित बोनस का भुगतान, अर्जित अवकाश की पुरानी व्यवस्था बहाल करना और विभाग में स्थायी भर्ती करना शामिल है। इसके अलावा यूनियनों की मांग है कि इलेक्ट्रिक बसों को परिवहन विभाग के अधीन लिया जाए, वर्कशॉप में कर्मचारियों की भर्ती की जाए और लंबित प्रमोशन जल्द किए जाएं। इससे पहले रोडवेज कर्मचारियों ने सिरसा बस स्टैंड पर सांकेतिक धरना और पैदल मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया था तथा जीएम को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा था। हड़ताल की घोषणा के बाद रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को देखते हुए अतिरिक्त व्यवस्था की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन अब 5-6 सितंबर का प्रस्तावित चक्का जाम स्थगित होने से यात्रियों को राहत मिली है। सिरसा बस स्टैंड पर रक्षाबंधन के बाद भी बसों में यात्रियों की भीड़ देखने को मिल रही है और महिलाओं की संख्या भी अधिक नजर आ रही है। यूनियन नेताओं का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों को लेकर ठोस कदम उठाती है और विभाग की ओर से पत्र जारी किया जाता है तो उसका लाभ सभी संबंधित कर्मचारियों को मिल सकेगा। फिलहाल कर्मचारियों और सरकार के बीच होने वाली आगामी वार्ता पर सभी की नजर है, क्योंकि इसी बातचीत से तय होगा कि मांगों का समाधान निकलता है या सितंबर में रोडवेज का चक्का जाम फिर से देखने को मिलेगा।



