अंबाला जेल में बंद गुरजंट से NIA ने की पूछताछ, सिरसा महिला थाने ग्रेनेड हमला केस में जांच तेज
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से लिंक का दावा; NIA चार्जशीट में सोशल मीडिया के जरिए मॉड्यूल तैयार करने और रेकी के बाद महिला थाने को निशाना बनाने की बात
सिरसा महिला पुलिस थाने पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जांच तेज करते हुए अंबाला जेल में बंद आरोपी गुरजंट सिंह से पूछताछ की। NIA की टीम अदालत के आदेश के तहत अंबाला जेल पहुंची और आरोपी को प्रिट्रायल इंटरवेंशन प्रोग्राम (PIP) के तहत लेकर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई। जेल प्रशासन के अनुसार NIA के DSP रोहन गुप्ता के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम पहुंची थी और पूछताछ की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वापस लौट गई। गुरजंट सिंह पंजाब के अमृतसर का रहने वाला है और उसके खिलाफ मोहाली में भी एक अन्य मामला दर्ज बताया गया है। पूछताछ के दौरान NIA ने उससे क्या जानकारी हासिल की, इसकी आधिकारिक जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। जांच एजेंसी के अनुसार गुरजंट सिंह पर आरोप है कि उसने सिरसा के धीरज और संदीप को ग्रेनेड उपलब्ध कराया था, जिसके बाद धीरज ने अपने साथियों के साथ महिला पुलिस थाने के बाहर विस्फोटक सामग्री फेंकी। जांच में गुरजंट का कथित लिंक पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी से भी सामने आया है। NIA ने इस मामले में पंचकूला की अदालत में चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें कुल नौ लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं। चार्जशीट के अनुसार शहजाद भट्टी और सोहेल अहमद उर्फ सोहेल बलूच को मुख्य साजिशकर्ताओं में शामिल बताया गया है, जबकि भारत में मौजूद आरोपियों पर हमले को अंजाम देने और स्थानीय स्तर पर मॉड्यूल संचालित करने के आरोप हैं। NIA की जांच के मुताबिक कथित साजिशकर्ताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और गुप्त संचार माध्यमों के जरिए युवाओं से संपर्क किया और उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल करने का प्रयास किया। जांच एजेंसी का दावा है कि स्थानीय मॉड्यूल तैयार करने के बाद पुलिस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने की योजना बनाई गई। चार्जशीट में सिरसा के धीरज उर्फ धीरू को कथित स्थानीय मॉड्यूल का हिस्सा बताते हुए हमले के समन्वय से जोड़कर देखा गया है। जांच में यह भी सामने आने की बात कही गई है कि हमले से पहले संभावित लक्ष्यों की रेकी की गई और इसके बाद सिरसा महिला पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया। NIA के अनुसार हमले में इस्तेमाल किए गए देसी ग्रेनेड पंजाब के अमृतसर से लाए गए थे और उनका इंतजाम गुरजंट सिंह ने किया था। घटना 25 नवंबर 2025 की रात हुई थी। आरोप है कि महिला थाने के बाहर विस्फोटक सामग्री फेंकी गई और पूरी घटना का वीडियो भी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया गया, ताकि बाद में उसे प्रचारित किया जा सके। घटना के अगले दिन वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया और जांच एजेंसियों ने आरोपियों की तलाश शुरू की। अब NIA की ओर से अंबाला जेल पहुंचकर गुरजंट से पूछताछ किए जाने के बाद मामले की जांच में आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे, आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और हमले के लिए संसाधन तथा निर्देश किस माध्यम से उपलब्ध कराए गए। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।




