रांची में अधिकतम पारा 2.2 डिग्री बढ़ा, 8 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम
राजधानी में आज बादल छाए रहने के आसार, 9 सितंबर को बारिश के साथ सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी; झारखंड में अब तक सामान्य से 2% कम बारिश

झारखंड में बारिश का दौर फिलहाल कमजोर पड़ने के बाद कई जिलों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान में 2.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई और तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी तापमान बढ़ा है। जमशेदपुर में अधिकतम तापमान करीब 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ा, जबकि चाईबासा में 5 डिग्री, मेदिनीनगर में 1.8 डिग्री और बोकारो में 1.1 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान कोडरमा में 41.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 7 सितंबर तक राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ने का सिलसिला जारी रह सकता है, लेकिन इसके बाद मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिलेगा। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से 8 सितंबर से झारखंड में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है और 9 तथा 10 सितंबर को राज्य के कई इलाकों में बारिश होने के आसार हैं। रांची और आसपास के क्षेत्रों में 6 सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ कहीं-कहीं गरज और हल्की बारिश हो सकती है। 6 और 7 सितंबर को भी एक-दो बार हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान रांची का अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। 8 सितंबर से मौसम में बदलाव स्पष्ट होने की संभावना है। राजधानी में इस दिन सामान्य रूप से बादल छाए रह सकते हैं और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसके अगले दिन यानी 9 सितंबर को बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं तथा रांची का अधिकतम तापमान गिरकर करीब 27 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने 9 सितंबर को गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा और गुमला में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 10 सितंबर को भी कई स्थानों पर बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने की संभावना है, जबकि 11 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम में आने वाले इस बदलाव से जहां बढ़ते तापमान से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं भारी बारिश वाले जिलों में स्थानीय स्तर पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है। इस बीच झारखंड में मानसून सीजन के दौरान अब तक कुल बारिश सामान्य के आसपास ही रही है। 1 जून से 5 सितंबर के बीच राज्य में 822.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य वर्षापात 840.2 मिलीमीटर है। इस तरह राज्य में बारिश सामान्य से करीब 2 प्रतिशत कम रही। हालांकि जिलावार बारिश के आंकड़ों में काफी अंतर दिखाई देता है। पश्चिमी सिंहभूम में सबसे अधिक 1268.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 49 प्रतिशत अधिक है। सरायकेला-खरसावां में सामान्य से 18 प्रतिशत, लातेहार में 17 प्रतिशत, रांची में 14 प्रतिशत और पूर्वी सिंहभूम में 9 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। दूसरी ओर पाकुड़ में सामान्य से 47 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। चतरा में 33 प्रतिशत, देवघर में 34 प्रतिशत, कोडरमा में 25 प्रतिशत, गिरिडीह और गुमला में 23-23 प्रतिशत तथा हजारीबाग में 22 प्रतिशत बारिश की कमी रही। साहिबगंज में 18 प्रतिशत, गढ़वा में 16 प्रतिशत तथा दुमका और पलामू में 12-12 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। धनबाद और जामताड़ा में बारिश सामान्य से 3 प्रतिशत कम रही, जबकि खूंटी में बारिश लगभग सामान्य रही। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में बंगाल की खाड़ी में बनने वाली मौसम प्रणाली झारखंड के कई हिस्सों में बारिश को सक्रिय कर सकती है। ऐसे में फिलहाल बढ़ता तापमान कुछ दिनों के लिए लोगों को गर्मी का अहसास करा सकता है, लेकिन 8 सितंबर के बाद बादल और बारिश का दौर दोबारा शुरू होने की संभावना है। खासकर 9 सितंबर को सात जिलों में भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आम लोगों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।




