हरियाणा कांग्रेस में जिलाध्यक्षों को लेकर मंथन तेज, CWC ने हाईकमान को भेजी रिव्यू रिपोर्ट
सिरसा समेत कई जिलों में विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से लिया गया फीडबैक; नए जिलाध्यक्षों के चयन को लेकर पैनल तैयार, अंतिम फैसला हाईकमान करेगा

सिरसा, 11 सितंबर। हरियाणा कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर मंथन तेज हो गया है। जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की टीमों ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों का दौरा कर विधायकों, वरिष्ठ नेताओं, चुनाव उम्मीदवारों और पार्टी कार्यकर्ताओं से फीडबैक लिया। सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया के बाद CWC ने अपनी रिव्यू रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान, हरियाणा प्रभारी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दी है। जिन जिलों में संगठन के भीतर मतभेद या खींचतान की स्थिति सामने आई, वहां नए नामों का पैनल तैयार किया गया है और इसी आधार पर जिलाध्यक्षों के चयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सिरसा जिले में जिलाध्यक्ष पद के लिए छह नामों का पैनल तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा का नाम भी शामिल बताया जा रहा है, जबकि पैनल में शामिल अन्य नामों को फिलहाल गोपनीय रखा गया है। वर्तमान जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के नाम को नए पैनल में प्रमुखता मिलने की बात सामने नहीं आई है। CWC की सदस्य एवं पूर्व मंत्री यशोमति ठाकुर ने सिरसा दौरे के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत करने के साथ संतोष बेनीवाल से भी अलग से चर्चा कर उनका पक्ष जाना था। संतोष बेनीवाल हरियाणा कांग्रेस के जिलाध्यक्षों में इकलौती महिला जिलाध्यक्ष रही हैं और संगठन में उनकी भूमिका को लेकर भी पार्टी स्तर पर चर्चा हुई। CWC टीम के सिरसा पहुंचने के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजकुमार शर्मा की सक्रियता भी देखने को मिली थी। उन्होंने कांग्रेस भवन पहुंचीं यशोमति ठाकुर का बुके भेंट कर स्वागत किया था। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया ने जिलाध्यक्ष पद के लिए किसी समर्थक का नाम आगे रखने के बजाय फैसला पार्टी नेतृत्व पर छोड़ने की बात कही, जबकि सांसद एवं कालांवाली विधायक शीशपाल की ओर से एक नाम सुझाए जाने की जानकारी सामने आई है, जिसे गोपनीय रखा गया है। इसके अलावा ऐलनाबाद विधायक भरत सिंह बेनीवाल, रानियां से कांग्रेस उम्मीदवार रहे सर्वमित्र कंबोज और अन्य वरिष्ठ नेताओं से भी राय ली गई है। पार्टी में पिछले कुछ समय से कुछ जिलाध्यक्षों के कामकाज को लेकर विधायकों और कार्यकर्ताओं की नाराजगी की चर्चाएं चल रही थीं, जिसके बाद संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर की स्थिति समझने के लिए CWC की टीमों ने विभिन्न जिलों में जाकर फीडबैक लिया। अब रिपोर्ट हाईकमान तक पहुंचने के बाद जिलाध्यक्षों के नामों पर अंतिम स्तर का मंथन चल रहा है। हालांकि नए जिलाध्यक्षों के चयन में स्थानीय नेताओं और विधायकों की राय को कितना महत्व दिया जाएगा, यह पार्टी के अंतिम फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा। आने वाले दिनों में हरियाणा कांग्रेस की ओर से नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की जा सकती है।


