सऊदी अरब को 48 F-35 देगा अमेरिका: $24.3 अरब की डील को मंजूरी, चीन तक तकनीक पहुंचने का खतरा
चीन के साथ सऊदी के बढ़ते सैन्य रिश्तों से अमेरिका चिंतित; इजराइल की सैन्य बढ़त बनाए रखना भी चुनौती

वॉशिंगटन/रियाद | 17 सितंबर 2026
अमेरिका ने सऊदी अरब को 48 अत्याधुनिक F-35 लड़ाकू विमान बेचने की संभावित डील को मंजूरी दे दी है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक प्रस्तावित सौदे की कीमत करीब 24.3 अरब डॉलर है। इसमें 48 F-35 विमान, 49 संबंधित इंजन, संचार उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सहायता शामिल है। हालांकि, बिक्री को अंतिम रूप देने से पहले अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी जरूरी होगी।
चीन से जुड़ी तकनीकी सुरक्षा चिंता
F-35 में स्टील्थ क्षमता, अत्याधुनिक सेंसर और रडार जैसी संवेदनशील सैन्य तकनीक है। अमेरिकी अधिकारियों और खुफिया एजेंसियों की चिंता है कि सऊदी अरब के चीन के साथ बढ़ते सैन्य और तकनीकी संबंधों के कारण संवेदनशील जानकारी तक चीन की संभावित पहुंच का जोखिम पैदा हो सकता है।
सऊदी अरब पहले से चीन के साथ सैन्य और तकनीकी सहयोग करता है। इसी वजह से F-35 से जुड़े ठिकानों और संवेदनशील प्रणालियों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी स्तर पर अतिरिक्त सावधानी की चर्चा है।
इजराइल की सैन्य बढ़त भी बड़ा मुद्दा
F-35 फिलहाल मध्य-पूर्व में इजराइल के पास मौजूद है। अमेरिका की लंबे समय से नीति रही है कि क्षेत्र में इजराइल की Qualitative Military Edge यानी सैन्य तकनीकी बढ़त बरकरार रहे। इसलिए सऊदी अरब को F-35 देने के प्रस्ताव में इस पहलू पर भी विचार किया जा रहा है।
डिलीवरी में लग सकते हैं कई साल
मंजूरी मिलने के बावजूद सऊदी अरब को विमान तुरंत नहीं मिलेंगे। F-35 के निर्माण और डिलीवरी की प्रक्रिया में कई साल लग सकते हैं। यह सौदा अमेरिका और सऊदी अरब के बीच चल रहे व्यापक रक्षा सहयोग का हिस्सा है।




