अमेरिका यूरोप से 40 हजार सैनिक घटाने पर कर रहा विचार: पेंटागन की समीक्षा में कई विकल्प; अंतिम फैसला अभी बाकी
अमेरिका यूरोप से 40 हजार सैनिक घटाने पर कर रहा विचार, पेंटागन की समीक्षा जारी

अमेरिका यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी को कम करने पर विचार कर रहा है। पेंटागन की छह महीने की समीक्षा में कम से कम 25 हजार और अधिकतम करीब 40 हजार अमेरिकी सैनिकों को यूरोप से हटाने का विकल्प शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई है। फिलहाल यूरोप में करीब 80 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। हालांकि, अभी इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
नवंबर में सामने आएंगे विकल्प
पेंटागन ने जून 2026 में यूरोप में अमेरिकी सैनिकों, सैन्य ठिकानों और बलों की तैनाती की व्यापक समीक्षा शुरू की थी। समीक्षा के तहत कम से कम चार विकल्प तैयार किए जा रहे हैं।
रॉयटर्स के मुताबिक, समीक्षा से जुड़े विकल्प रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के सामने 6 नवंबर तक रखे जाने हैं। इसके बाद आगे की प्रक्रिया और अंतिम निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के स्तर पर हो सकता है।
ट्रम्प लंबे समय से यूरोपीय देशों से ज्यादा रक्षा खर्च की मांग करते रहे हैं
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प लंबे समय से NATO के यूरोपीय सदस्यों से अपनी सुरक्षा के लिए अधिक खर्च करने और अमेरिकी सैन्य सहायता पर निर्भरता कम करने की मांग करते रहे हैं।
जून में रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने भी यूरोप में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी की समीक्षा की घोषणा की थी। समीक्षा में सैनिकों की संख्या के साथ-साथ सैन्य ठिकानों और दूसरे संसाधनों की तैनाती पर भी विचार किया जा रहा है।
जर्मनी, इटली और स्पेन पर पड़ सकता है असर
रिपोर्टों के मुताबिक संभावित बदलाव का असर खास तौर पर जर्मनी, इटली और स्पेन में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी पर पड़ सकता है। इन देशों में अमेरिका के महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे और कमांड सुविधाएं हैं।
जर्मनी में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी सबसे बड़ी है। वहां रामस्टीन एयर बेस सहित कई महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाएं हैं। अमेरिका ने मई में जर्मनी से लगभग 5 हजार सैनिकों की अलग कटौती की घोषणा भी की थी, जिसे अगले 6 से 12 महीनों में लागू किया जाना है।
सैनिकों को हटाने के बजाय कुछ को दूसरी जगह भेजने का विकल्प भी
पेंटागन की समीक्षा का मतलब जरूरी नहीं कि सभी प्रस्तावित सैनिक अमेरिका लौटाए जाएंगे। रिपोर्टों में कुछ अमेरिकी बलों को NATO के पूर्वी हिस्से में स्थानांतरित करने का विकल्प भी बताया गया है।
यानी बदलाव में सैनिकों की कुल संख्या घटाने के साथ-साथ यूरोप में उनकी तैनाती का स्थान और सैन्य क्षमताओं का वितरण बदलना भी शामिल हो सकता है।
यूरोप की सुरक्षा पर क्यों महत्वपूर्ण है अमेरिकी मौजूदगी?
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अमेरिका ने यूरोप में बड़ी सैन्य मौजूदगी बनाए रखी है। अमेरिकी सैनिक NATO की सामूहिक रक्षा व्यवस्था, सैन्य अभ्यास, लॉजिस्टिक सपोर्ट और यूरोपीय क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों में भूमिका निभाते हैं।
यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप में रूस को लेकर सुरक्षा चिंताएं बढ़ी हैं। इसी कारण संभावित अमेरिकी सैन्य कटौती को लेकर कुछ NATO सहयोगियों ने चिंता जताई है। दूसरी ओर, ट्रम्प प्रशासन यूरोपीय देशों से अपनी रक्षा में अधिक जिम्मेदारी लेने की मांग कर रहा है।
अभी फैसला नहीं हुआ
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 40 हजार सैनिकों की वापसी अभी प्रस्तावित विकल्पों में से एक है, तय फैसला नहीं। पेंटागन की समीक्षा पूरी होने और राष्ट्रपति स्तर पर निर्णय के बाद ही अमेरिकी सैन्य मौजूदगी में वास्तविक बदलाव स्पष्ट होगा।
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