दिवाली से पहले जयपुर के सेठी कॉम्पलेक्स में भीषण आग, 25 दुकानें प्रभावित
जयपुर सेठी कॉम्पलेक्स में भीषण आग: 25 दुकानें प्रभावित, दिवाली का सामान जला
जयपुर के त्रिपोलिया बाजार स्थित मणिहारों का कटला-सेठी कॉम्पलेक्स में लगी भीषण आग ने दिवाली से पहले कारोबारियों की तैयारियों को बड़ा झटका दिया। आग की चपेट में आने से कई दुकानों और गोदामों में रखा सीजनल सामान जलकर राख हो गया। व्यापारियों ने त्योहार के सीजन को देखते हुए बड़ी मात्रा में माल खरीदकर रखा था।
गुरुवार सुबह करीब 7 बजे दूसरी मंजिल पर स्थित चूड़ियों के गोदाम से आग शुरू होने की बात सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। देखते ही देखते आग ने कॉम्पलेक्स की करीब 25 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया।
दिवाली के लिए जमा किया था लाखों का सामान
आग में सबसे ज्यादा नुकसान सीजनल कारोबार करने वाले व्यापारियों को हुआ। व्यापारी कमल अग्रवाल ने दिवाली को देखते हुए अपनी पांच दुकानों में बड़ी मात्रा में सामान स्टॉक किया था। इनमें दिवाली सजावट का सामान, बंदरवाल, धागे और टेलरिंग से जुड़े सीजनल उत्पाद शामिल थे।
आग उनकी तीन दुकानों तक पहुंच गई और बड़ी मात्रा में सामान जल गया। जब कमल अपने परिवार के साथ मौके पर पहुंचे तो दुकानों में धधकती आग देखकर वह भावुक हो गए।
उनके बेटे प्रणव अग्रवाल के मुताबिक, परिवार को दिवाली के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद थी और इसी वजह से पहले ही पर्याप्त स्टॉक कर लिया गया था।
नुकसान देखकर व्यापारी की पत्नी की तबीयत बिगड़ी
आग से हुए नुकसान को देखकर कमल अग्रवाल की पत्नी भी काफी परेशान हो गईं। परिजनों के मुताबिक उनकी तबीयत बिगड़ गई और ब्लड प्रेशर कम होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। कमल की हालत भी खराब होने पर परिवार उन्हें घर ले गया।
व्यापारियों का कहना है कि आग ने सिर्फ सामान ही नहीं जलाया, बल्कि दिवाली के पूरे कारोबारी सीजन की तैयारियों को प्रभावित कर दिया है।
पुलिस और दमकलकर्मियों ने बनाया रास्ता
आग बुझाने के दौरान कॉम्पलेक्स की बनावट भी बड़ी चुनौती बनी। तीन मंजिला इमारत के बरामदों में लोहे की जालियां लगी होने के कारण दूसरी मंजिल तक पहुंचना मुश्किल था।
माणक चौक थाने में तैनात पुलिसकर्मियों नरेंद्र सिंह शेखावत और विक्रम सिंह ने रास्ता बनाने के लिए दीवार और लोहे की जाली हटाई। इसके बाद दमकलकर्मियों को आग प्रभावित हिस्से तक पहुंचने में मदद मिली।
धुएं के बीच कई घंटे चला ऑपरेशन
दूसरी मंजिल पर भारी मात्रा में सामान रखा होने के कारण आग बुझाने के दौरान घना धुआं फैल गया। दमकलकर्मियों, सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ के जवानों को आंखों में जलन और सांस लेने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इसके बावजूद राहत और बचाव अभियान जारी रहा। आग पर करीब सात घंटे बाद काबू पाया जा सका। हालांकि काफी देर तक कॉम्पलेक्स से धुआं निकलता रहा।
नीचे की दुकानों से भी सामान बाहर निकाला गया
जब दूसरी मंजिल से आग और धुआं नीचे की तरफ फैलने लगा तो ग्राउंड और पहली मंजिल के दुकानदार भी अपने सामान को सुरक्षित निकालने में जुट गए।
व्यापारियों और कर्मचारियों ने दुकानों तथा गोदामों से कार्टून और अन्य सामान बाहर निकालकर आग से बचाने की कोशिश की। इस दौरान फायर टीम आग बुझाने के साथ आसपास की दुकानों को सुरक्षित रखने में भी जुटी रही।
कॉम्पलेक्स प्रबंधन पर उठे सवाल
अग्निकांड के बाद व्यापारियों ने कॉम्पलेक्स की व्यवस्थाओं और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए। कुछ व्यापारियों ने प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए और प्रशासन से घटना की जांच तथा नुकसान के आकलन की मांग की।
फिलहाल आग से हुए कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। व्यापारियों के अनुसार नुकसान का आकलन करने के बाद तस्वीर साफ होगी।
दिवाली से ठीक पहले हुई इस घटना ने प्रभावित कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। अब व्यापारी प्रशासन से राहत और घटना की जिम्मेदारी तय किए जाने की उम्मीद कर रहे हैं।
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