जयपुर में राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट का आगाज, 300 ट्रैवल एजेंट्स और 700 से ज्यादा पर्यटन इकाइयां शामिल
जयपुर में राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट शुरू, 300 ट्रैवल एजेंट्स और 700+ पर्यटन इकाइयां शामिल

राजस्थान में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान डोमेस्टिक ट्रैवल मार्ट (RDTM) के छठे संस्करण की शुरुआत गुरुवार को आमेर महल के दीवाने आम से हुई। इस वर्ष आयोजन की थीम ‘स्टोरीज, जर्नी, स्माइल्स’ रखी गई है।
कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव शुचि त्यागी और पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार सहित पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बारिश के कारण बदला आयोजन का स्वरूप
आरडीटीएम का आयोजन फेडरेशन ऑफ हॉस्पिटैलिटी एंड टूरिज्म ऑफ राजस्थान (FHTR) की ओर से राजस्थान सरकार के पर्यटन विभाग के सहयोग से किया जा रहा है।
उद्घाटन कार्यक्रम में तेज बारिश के कारण बदलाव करना पड़ा। गणेश पोल और जलेब चौक में प्रस्तावित गतिविधियों को सीमित कर कार्यक्रम दीवाने आम परिसर तक करना पड़ा।
घरेलू पर्यटन को बताया विकास का महत्वपूर्ण आधार
पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव शुचि त्यागी ने कहा कि घरेलू पर्यटन देश के पर्यटन क्षेत्र की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राजस्थान लंबे समय से देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है और राज्य में घरेलू पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि सरकार पर्यटन में निवेश बढ़ाने, स्थानीय समुदायों की भागीदारी मजबूत करने और इस क्षेत्र में रोजगार व कारोबार के नए अवसर तैयार करने के लिए नीतिगत स्तर पर काम कर रही है।
पर्यटक अब अनुभव आधारित यात्राओं पर दे रहे जोर
पर्यटन विभाग के अनुसार यात्रियों की पसंद में बदलाव आया है। अब लोग केवल प्रसिद्ध स्मारकों और पारंपरिक पर्यटन स्थलों को देखने के बजाय स्थानीय संस्कृति और वास्तविक अनुभवों से जुड़ी यात्राओं में भी रुचि ले रहे हैं।
राजस्थान में ग्रामीण पर्यटन, वन्यजीव, इको-टूरिज्म, वेलनेस, एडवेंचर, आध्यात्मिक पर्यटन, मानसून पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉन्फ्रेंस टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार कम चर्चित स्थलों और नए पर्यटन सर्किट को विकसित कर पर्यटकों के ठहरने की अवधि बढ़ाने पर भी काम कर रही है। इससे स्थानीय कारीगरों, गाइड, होमस्टे संचालकों और छोटे उद्यमियों को पर्यटन से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
नए पर्यटन उत्पाद विकसित करने पर फोकस
पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियार ने कहा कि राजस्थान में क्षेत्र विशेष की पहचान से जुड़े नए और अनुभव आधारित पर्यटन उत्पाद विकसित किए जाने की जरूरत है।
आरडीटीएम के जरिए नए घरेलू बाजारों तक पहुंच बनाने और पर्यटकों को पारंपरिक पर्यटन सर्किट से आगे नए गंतव्यों तक ले जाने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए सरकार, उद्योग और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।
300 ट्रैवल एजेंट्स और 700 से ज्यादा प्रॉपर्टीज की भागीदारी
आरडीटीएम की मुख्य प्रदर्शनी और बी2बी बैठकों का आयोजन 18 और 19 सितंबर को बी.एम. बिड़ला कन्वेंशन सेंटर, जयपुर में किया जा रहा है।
आयोजन में देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 300 ट्रैवल एजेंट्स और राजस्थान की 700 से अधिक होटल, प्रॉपर्टी तथा टूरिज्म कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।
आयोजकों के अनुसार दो दिनों में 21 हजार से अधिक बी2बी बैठकों का लक्ष्य रखा गया है। इन बैठकों में ट्रैवल एजेंट्स और राजस्थान के पर्यटन कारोबार से जुड़े प्रतिनिधि आमने-सामने बातचीत करेंगे।
पहली बार वेडिंग और इवेंट इंडस्ट्री को भी मंच
इस संस्करण में पहली बार इवेंट और वेडिंग इंडस्ट्री को भी आरडीटीएम से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से राजस्थान की कला, संस्कृति, विरासत और खान-पान को पर्यटन तथा डेस्टिनेशन वेडिंग के साथ जोड़कर नए बाजारों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
नाइट पोलो भी बनेगा आकर्षण
18 सितंबर की शाम राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड में नाइट पोलो का आयोजन किया जाएगा। शाम 7 बजे एफएचटीआर कप पोलो एग्जीबिशन मैच प्रस्तावित है।
आयोजकों का उद्देश्य राजस्थान की पारंपरिक पोलो विरासत को पर्यटन अनुभव के रूप में पेश करना भी है।
19 सितंबर से आम लोगों के लिए खुलेगी प्रदर्शनी
आरडीटीएम के अंतिम दिन 19 सितंबर को बी2बी बैठकें जारी रहेंगी। दोपहर 2 बजे के बाद प्रदर्शनी आम लोगों के लिए भी खोली जाएगी।
इससे स्थानीय लोग राजस्थान के विभिन्न पर्यटन स्थलों, होटल, यात्रा सेवाओं और अनुभव आधारित पर्यटन उत्पादों की जानकारी ले सकेंगे।
जिम्मेदार पर्यटन और विरासत संरक्षण पर भी जोर
आयोजन में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने से जुड़ी पहल भी शामिल की गई हैं। इनमें पारंपरिक जल संरचनाओं जैसे बावड़ियों के संरक्षण और मंगणियार समुदाय के पारंपरिक वाद्य ‘कमायचा’ की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने जैसे प्रयासों को पर्यटन से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
आरडीटीएम के जरिए राजस्थान के स्थापित पर्यटन स्थलों के साथ-साथ कम चर्चित क्षेत्रों को भी घरेलू पर्यटकों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
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