रक्षाबंधन पर डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का संदेश: बहक रहे अपनों को रोकें, रिश्तों में वफादारी रखें और हितों की रक्षा करें
नेपाल-तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन की तबाही पर जताया दुख; प्रभावित लोगों के लिए साध-संगत से दुआ करने का आग्रह

सिरसा। रक्षाबंधन के पर्व पर डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने साध-संगत को रिश्तों की पवित्रता और आपसी वफादारी का संदेश दिया। शुक्रवार को डेरे में आयोजित सत्संग के दौरान उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को याद करने और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने की सीख देता है।
सत्संग के दौरान बड़ी संख्या में साध-संगत मौजूद रही, जबकि ऑनलाइन माध्यम से भी अनुयायी जुड़े। अपने संदेश में राम रहीम ने कहा कि रिश्तों की असली पहचान खुशी के समय नहीं, बल्कि मुश्किल और दर्द के समय होती है।
बहक रहे अपनों को रोकें और हितों की रक्षा करें
गुरमीत राम रहीम ने कहा कि आज के दौर में रक्षाबंधन के पर्व का महत्व रिश्तों की पवित्रता से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार या रिश्ते में कोई व्यक्ति गलत दिशा में जा रहा है या बहक रहा है तो दूसरे व्यक्ति को उसे रोकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाई-बहन को एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और एक-दूसरे के हितों की रक्षा करनी चाहिए। उनके अनुसार रक्षाबंधन का धागा रिश्तों में जिम्मेदारी और वफादारी की याद दिलाता है।
खुशी में सभी साथ, परेशानी में पता चलता है अपना कौन
राम रहीम ने कहा कि खुशी के अवसर पर सभी लोग साथ आ जाते हैं, लेकिन वास्तविक पहचान उस समय होती है जब व्यक्ति परेशानी में होता है।
उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति दर्द और तकलीफ में साथ खड़ा रहता है, वही वास्तव में अपना होता है। रक्षाबंधन का पर्व रिश्तों के प्रति वफादारी की भावना को मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने यह भी कहा कि यही भावना गुरु-शिष्य और माता-पिता तथा बच्चों के रिश्ते में भी जरूरी है।
नेपाल-तिब्बत में बाढ़ और भूस्खलन पर जताया दुख
डेरा प्रमुख ने नेपाल और तिब्बत सीमा के पास बाढ़ और भूस्खलन से हुई तबाही पर भी दुख जताया। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं।
उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए साध-संगत से उनके लिए दुआ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि मालिक प्रभावित लोगों को इस कठिन परिस्थिति से निपटने और उसे सहने की शक्ति प्रदान करें।
राम रहीम ने कहा कि जिन लोगों के जान-माल का नुकसान हुआ है, उनके लिए सभी को प्रार्थना करनी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को इस मुश्किल समय से निकलने की ताकत मिल सके।




