सिरसा में दूध के दाम बढ़ाने की तैयारी, पशुपालकों की बैठक में ₹100 तक रेट करने की मांग
चारा और पशु आहार महंगा होने से बढ़ी लागत, कालांवाली में भैंस का दूध ₹100 और गाय का ₹80 प्रति लीटर करने पर मंथनccccccccc

सिरसा जिले में दूध के दाम बढ़ाने की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। कालांवाली क्षेत्र के पशुपालकों ने दूध और देसी घी के नए रेट तय करने को लेकर बैठक बुलाई है। पशुपालकों का कहना है कि पिछले कई वर्षों से दूध के दाम में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हुई, जबकि पशुओं के लिए खल, चूरी-बिनौला, हरा चारा और अन्य पशु आहार लगातार महंगे होते जा रहे हैं। बढ़ती लागत के कारण पशुपालन का खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है और कई पशुपालकों ने अपने पशुओं की संख्या तक कम कर दी है। पशुपालक सत्ता चहल, सतपाल सिंह किंगरा समेत अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बैठक में गांव के सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाएगा, जिसके बाद दूध के नए रेट को लेकर सामूहिक निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल क्षेत्र में भैंस का दूध करीब 70 से 80 रुपये और गाय का दूध 50 से 60 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जबकि पशुपालकों की मांग है कि भैंस के दूध का रेट बढ़ाकर 100 रुपये और गाय के दूध का रेट 80 रुपये प्रति लीटर किया जाए। इसके साथ ही देसी घी की कीमत 1500 से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति किलो करने की मांग भी सामने आई है। हरियाणा के कई अन्य जिलों में भी पशुपालक दूध के दाम बढ़ाने को लेकर बैठकें कर चुके हैं। हिसार के राजथल गांव से शुरू हुई इस मुहिम के बाद हांसी, कुरुक्षेत्र, कैथल और जींद के कुछ गांवों में भी इसी तरह की मांग उठी है। वहीं डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन ने भी वीटा के अलग-अलग प्लांटों में दूध के दाम 2 से 3 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपे हैं। पशुपालकों का कहना है कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से दूध की ढुलाई और सप्लाई का खर्च भी बढ़ा है। ऐसे में अब कालांवाली के पशुपालक भी सामूहिक रूप से दूध के नए रेट लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।



