सीवान में सड़क पर मामूली विवाद ने एक बार फिर भयावह हिंसा का रूप ले लिया। पूर्व MLC और BJP नेता मनोज कुमार सिंह के परिवार से जुड़े इस मामले ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है।
कार साइड करने को लेकर शुरू हुआ विवाद बना जानलेवा
नगर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर आंदर ढाला ओवरब्रिज के पास बुधवार शाम करीब 6:30 बजे यह घटना हुई। चंदन सिंह अपने बेटे हर्ष कुमार सिंह के साथ तिलक समारोह में जाने के लिए सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई एक कार ने उनकी गाड़ी को हल्की टक्कर मार दी। मामूली टक्कर को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।
आरोप है कि दूसरी कार में सवार बदमाशों ने हथियार निकालकर पिता-पुत्र पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस हमले में हर्ष कुमार सिंह को तीन गोलियां लगीं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चंदन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी की पहचान
घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए SP पूरन कुमार झा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। CCTV फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर हुसैनगंज थाना क्षेत्र के हथौड़ा गांव निवासी छोटू कुमार यादव की पहचान की गई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात में चार लोगों के शामिल होने की बात कबूल की।
मुठभेड़ में आरोपी घायल, हथियार बरामदगी के दौरान चला गोलीबारी
गुरुवार सुबह पुलिस छोटू यादव को हथियार बरामद करने के लिए उसके बताए स्थान पर लेकर गई थी। इसी दौरान उसने अचानक पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उसने करीब पांच राउंड गोली चलाई।
जवाब में पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए तीन राउंड फायरिंग की, जिसमें दो गोलियां छोटू यादव के दोनों पैरों में लगीं। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर पहले सदर अस्पताल और फिर पटना रेफर किया गया।
वीडियो आया सामने, दहशत का माहौल
घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी को तेज बारिश के बीच हर्ष और चंदन पर गोली चलाते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में लोगों की चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल साफ नजर आता है।
आपराधिक इतिहास और आगे की कार्रवाई
पुलिस जांच में सामने आया है कि छोटू यादव का आपराधिक इतिहास रहा है और वह हाल ही में छपरा जेल से बाहर आया था। फिलहाल पुलिस बाकी फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह खतरनाक रूप ले सकते हैं, और सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती हिंसा कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती

बनी हुई है।




