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24 डिग्री पर चलाएं AC, 4-6 माह में सर्विसिंग कराएं; तभी सुरक्षित रहेगा कूलिंग सिस्टम

दिल्ली AC ब्लास्ट के बाद बढ़ी चिंता, एक्सपर्ट बोले- सही इंस्टॉलेशन और नियमित मेंटेनेंस से टल सकते हैं बड़े हादसे

दिल्ली में हाल ही में हुई AC ब्लास्ट की घटना के बाद एयर कंडिशनर की सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। अब उपभोक्ता सिर्फ AC खरीदने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उसके सुरक्षित उपयोग, मेंटेनेंस और संभावित जोखिमों को भी गंभीरता से समझने लगे हैं।

इसी बढ़ती जागरूकता के बीच Samsung के झारखंड सर्विस हेड राजेश कुमार ने AC के सुरक्षित उपयोग और तकनीकी सावधानियों को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि AC ब्लास्ट, स्पार्किंग या शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाएं अक्सर गलत इंस्टॉलेशन, लापरवाही और समय पर सर्विसिंग न होने के कारण होती हैं। सही देखभाल और नियमित मेंटेनेंस से ऐसे हादसों से काफी हद तक बचा जा सकता है।

24 डिग्री पर चलाएं AC, बढ़ेगी एफिशिएंसी

राजेश कुमार के अनुसार AC को 24 डिग्री सेल्सियस पर चलाना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे बिजली की बचत होती है, मशीन पर दबाव कम पड़ता है और कूलिंग भी संतुलित रहती है। उन्होंने कहा कि कमरे के आकार के अनुसार ही AC का चयन करना चाहिए, क्योंकि गलत क्षमता वाला AC मशीन पर अतिरिक्त लोड डालता है और उसकी उम्र कम कर देता है।

शॉर्ट सर्किट हो तो पानी नहीं, फायर एक्सटिंग्विशर इस्तेमाल करें

अगर AC में स्पार्किंग या शॉर्ट सर्किट जैसी स्थिति बने तो सबसे पहले उससे दूर हो जाएं। ऐसी स्थिति में पानी का उपयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे खतरा और बढ़ सकता है। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करें। साथ ही AC के नीचे टीवी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं रखने चाहिए, क्योंकि पानी की बूंदें या नमी गिरने से नुकसान हो सकता है।

आउटडोर यूनिट को छांव में रखें

AC की आउटडोर यूनिट यानी कंप्रेसर को हमेशा छायादार स्थान पर लगाना चाहिए। धूप में रहने से कंप्रेसर अधिक गर्म होता है, जिससे मशीन की कार्यक्षमता प्रभावित होती है और खराबी का खतरा बढ़ जाता है।

इंस्टॉलेशन में न करें लापरवाही

विशेषज्ञों के मुताबिक AC का पावर केबल कभी भी जोड़कर (ज्वाइंट) नहीं लगाना चाहिए। इससे स्पार्किंग और शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। AC की क्षमता के अनुसार सही मोटाई (MM) की वायरिंग जरूरी है, ताकि ओवरलोडिंग और वायर हीटिंग से बचा जा सके। प्लग पॉइंट पर MCB (मिनी सर्किट ब्रेकर) लगवाना चाहिए और वोल्टेज उतार-चढ़ाव से बचने के लिए स्टेबलाइजर का उपयोग भी जरूरी है।

4-6 महीने में सर्विसिंग जरूरी

AC की सुरक्षा और बेहतर प्रदर्शन के लिए हर 4 से 6 महीने में सर्विसिंग करानी जरूरी है। सर्विसिंग हमेशा प्रशिक्षित और अधिकृत इंजीनियर से ही करानी चाहिए। साथ ही AC में कंपनी के ओरिजिनल पार्ट्स का ही उपयोग करें, ताकि किसी भी तकनीकी जोखिम से बचा जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि AC का सही उपयोग, समय पर सर्विसिंग और सुरक्षित इंस्टॉलेशन न सिर्फ उसकी उम्र बढ़ाता है, बल्कि बड़े हादसों की आशंका को भी काफी कम कर देता है।

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