
सिरसा। नए सॉफ्टवेयर एवं डीसीएस में सामने आ रही खामियों को लेकर पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन का धरना लगातार जारी है। एसोसिएशन की मांग के बाद सरकार एवं प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। कमेटी में डीआरओ, तहसीलदार और कानूनगो को शामिल किया गया है।
कमेटी की टीम ने शुक्रवार को दिनभर फील्ड में जाकर सर्वे किया। इस दौरान पोर्टल पर दर्ज क्षेत्र के रकबे का मौके पर मिलान किया गया और यह पता लगाने का प्रयास किया गया कि पोर्टल पर एरिया का रकबा सही प्रदर्शित हो रहा है या उसमें किसी तरह की कमी-बेशी है। टीम ने मौके पर लोगों से भी जानकारी ली।
कमेटी की ओर से सर्वे की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यह रिपोर्ट शनिवार तक सरकार को भेजे जाने की संभावना है। रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन की ओर से पोर्टल की खामियों को लेकर लगाए जा रहे आरोप जांच में कितने सही पाए जाते हैं। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार और एसोसिएशन के बीच आगे बातचीत का रास्ता खुल सकता है।
लघु सचिवालय के बाहर धरना जारी
सिरसा में पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन का सांकेतिक धरना 20 अगस्त से चल रहा है। एसोसिएशन ने लघु सचिवालय के गेट के बाहर पार्क में पड़ाव डाला हुआ है। पटवारी एवं कानूनगो सुबह से शाम तक धरने पर बैठकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
एसोसिएशन अपनी मुख्य मांग पर अड़ी हुई है कि नए पोर्टल को बंद किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर में व्यावहारिक स्तर पर समस्याएं सामने आ रही हैं।
रविवार तक धरना समाप्त होने की संभावना
20 अगस्त से शुरू हुए धरने को शुरुआत में दो दिन के लिए रखा गया था। इसके बाद सरकार की ओर से मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई और रिस्पांस नहीं मिलने के कारण धरना आगे बढ़ता गया। शनिवार को धरने का 10वां दिन होगा।
शनिवार को कमेटी की रिपोर्ट सरकार को सौंपे जाने के बाद एसोसिएशन प्रतिनिधियों की सरकार के साथ बैठक होने की बात कही जा रही है। इसी बैठक में तय होगा कि धरना आगे जारी रहेगा या समाप्त किया जाएगा।
एसोसिएशन रविवार तक सरकार के साथ बातचीत के बाद अपनी बैठक करेगी। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी। ऐसे में रविवार तक धरना समाप्त होने की संभावना जताई जा रही है।
जिला प्रधान दलबीर बिशू बोले- सॉफ्टवेयर प्रैक्टिकल रूप से संभव नहीं
पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन सिरसा के जिला प्रधान दलबीर बिशू ने कहा कि सरकार की ओर से पोर्टल की खामियों की जांच के लिए डीआरओ, तहसीलदार और कानूनगो की जिम्मेदारी लगाई गई है। टीम शुक्रवार को फील्ड में गई और पोर्टल में दर्ज रकबे का मौके पर मिलान किया गया कि एरिया पूरा है या कम-ज्यादा।
दलबीर बिशू ने कहा कि यह सॉफ्टवेयर प्रैक्टिकल रूप से संभव नहीं है। इसके लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। सरकार इसे लागू करने के लिए दबाव बना रही है, जबकि पूरे हरियाणा में पहले से ही पटवारियों की कमी है।
अब शनिवार को कमेटी की रिपोर्ट और सरकार के साथ होने वाली बैठक पर पटवारी एवं कानूनगो एसोसिएशन के अगले कदम की दिशा निर्भर करेगी।




