ई-चालान में बड़ी लापरवाही, बिना हस्ताक्षर कोर्ट भेजा इस्तगासा; यातायात प्रभारी तलब
मोबाइल फोटो से कटा चालान, कोर्ट में पेश दस्तावेज निकला अधूरा; न्यायाधीश ने मांगा लिखित जवाब

बीकानेर में ई-चालान प्रक्रिया में लापरवाही का मामला सामने आया है, जहां दुपहिया वाहन का मोबाइल से फोटो लेकर ऑनलाइन चालान काटना यातायात पुलिस को भारी पड़ गया। न्यायालय में मूल इस्तगासा बिना हस्ताक्षर के पेश किए जाने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए यातायात प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया।
मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (संख्या 3) के पीठासीन अधिकारी Rahul ने यातायात थानाधिकारी Naresh Nirwan को सोमवार को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होकर लिखित जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं।
मोबाइल फोटो से कटा 1000 रुपए का ई-चालान
मामला जेल रोड निवासी Ravikant Soni से जुड़ा है। रविकांत सोनी बिना हेलमेट स्कूटी चला रहे थे। इस दौरान यातायात पुलिसकर्मी ने पीछे से मोबाइल से फोटो खींचकर 1000 रुपए का ऑनलाइन ई-चालान जारी कर दिया।
इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए रविकांत सोनी ने न्यायालय में परिवाद दायर किया। सुनवाई के दौरान न्यायालय ने यातायात पुलिस से मूल चालान की प्रति पेश करने के निर्देश दिए।
कोर्ट में बिना हस्ताक्षर पेश हुआ मूल इस्तगासा
मामले में नया मोड़ तब आया जब यातायात प्रभारी नरेश निर्वाण ने न्यायालय में जो मूल इस्तगासा पेश किया, उस पर उनके हस्ताक्षर ही नहीं थे। दस्तावेज पर केवल कार्यालय की मुहर लगी हुई थी।
बिना हस्ताक्षर के सरकारी और कानूनी दस्तावेज न्यायालय में पेश किए जाने को पीठासीन अधिकारी ने गंभीर लापरवाही माना। कोर्ट ने इसे न्यायिक प्रक्रिया में गंभीर चूक मानते हुए यातायात प्रभारी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर लिया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भी चूक
गौरतलब है कि ई-चालान की प्रक्रिया, उसकी वैधानिकता और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की प्रस्तुति को लेकर Supreme Court of India पहले ही स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कानूनी दस्तावेजों को लेकर इस तरह की लापरवाही कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
अब इस मामले में सोमवार को यातायात प्रभारी के जवाब के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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