सुसाइड नोट के बाद भी गिरफ्तारी नहीं, सीपी ऑफिस के बाहर परिजनों का प्रदर्शन
आत्महत्या के तीन मामलों में कार्रवाई धीमी होने पर भूख हड़ताल, पुलिस पर भेदभाव के आरोप

लुधियाना | लुधियाना में पत्नियों से प्रताड़ित होकर आत्महत्या करने वाले तीन युवकों के मामलों में पुलिस कार्रवाई धीमी होने के आरोपों के बीच सोमवार को परिजनों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। मृतकों निखिल, विक्रमजीत और एक अन्य युवक के परिवारों ने ‘आवाज पावर ऑफ मैन वेलफेयर सोसाइटी’ की अगुवाई में पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू कर जोरदार प्रदर्शन किया।
परिजनों का आरोप है कि तीनों युवकों ने आत्महत्या से पहले सुसाइड नोट में अपनी पत्नियों को जिम्मेदार ठहराया था। इन बयानों के आधार पर केस दर्ज होने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई, जिससे परिवारों में रोष है।
संस्था से जुड़े अनमोल डंग ने आरोप लगाया कि परिवारों ने पुलिस को ठोस सबूत और आरोपियों की लोकेशन तक उपलब्ध करवाई, इसके बावजूद पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही और आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं।
मृतक विक्रमजीत के परिवार की ओर से अमिता ने पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि मामला किसी महिला से जुड़ा होता तो अब तक गिरफ्तारी हो चुकी होती। उन्होंने कहा कि पुरुष पीड़ितों के मामलों में पुलिस का रवैया गंभीर नहीं दिख रहा।
गिरफ्तारी न होने से नाराज परिजनों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलेगा, आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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