पत्नी के अवैध संबंध और प्रेमी संग मिलकर प्रताड़ित करने से तंग आकर पिता ने की आत्महत्या, सात बेटियां हुईं बेसहारा
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां पत्नी के अवैध संबंधों और उसके प्रेमी द्वारा मिलकर प्रताड़ित किए जाने से परेशान होकर एक व्यक्ति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक सात बेटियों का पिता था, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है।

मृतक की पहचान नांगल चौधरी स्थित गांव आसरावास निवासी धर्मपाल (45) के रूप में हुई है। वह एक प्राइवेट गाड़ी में ड्राइवर का काम करता था। रविवार सुबह उसका शव अपने कमरे में फांसी के फंदे से लटकता मिला। परिजन तुरंत उसे नांगल चौधरी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
भाई ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के बड़े भाई महेंद्र (50) ने पुलिस को दी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उनकी भाभी रोशनी (40) के गांव मोरुंड के ढाणी त्यागियां निवासी धर्मपाल (43) के साथ अवैध संबंध थे।
भाई ने आरोप लगाया, “मेरा भाई इस बात से बहुत परेशान था। परिवार और पंचायत स्तर पर कई बार समझौते के प्रयास किए गए, लेकिन विवाद बढ़ता गया। भाभी अपने प्रेमी के साथ मिलकर मेरे भाई को पीटती थी। वह प्रताड़ना देती थी। पिछले 5 दिनों से वे दोनों मिलकर उसे लगातार पीट रहे थे और मानसिक रूप से तोड़ रहे थे। इसी दबाव और सामाजिक अपमान के चलते उसने फांसी लगाकर जान दे दी।”
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस प्रवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि मृतक के भाई की शिकायत पर पत्नी रोशनी और कथित प्रेमी धर्मपाल (43) के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सात बेटियों का सिर से उठा पिता का साया
इस दुखद घटना ने सबसे ज्यादा मृतक की सात बेटियों को त्रासदी दी है। सभी बेटियां स्कूल में पढ़ती हैं। भाई महेंद्र ने बताया कि भतीजियों को अब भी विश्वास नहीं हो रहा कि उनके पिता नहीं रहे। उन्होंने रोते हुए कहा, “अब इन बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया है। यह नहीं पता कि उनकी मां उन्हें कैसे रखेगी। परिवार के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।”
नोट: अगर आप या आपके परिचित कोई मानसिक तनाव या आत्महत्या के विचारों से जूझ रहे हैं, तो कृपया मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन से संपर्क करें। आप अकेले नहीं हैं।




