आदिवासी इलाकों के स्कूलों का दौरा करेगी CJP, उदयपुर संभाग से अभियान की शुरुआत
CJP का ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू, उदयपुर संभाग से होगी शुरुआत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राजस्थान के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सरकारी स्कूलों की स्थिति की पड़ताल के लिए ‘आदिवासी स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू करने की घोषणा की है। CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के अनुसार अभियान की शुरुआत उदयपुर संभाग से की जाएगी। इसके बाद इसे देश के अन्य आदिवासी क्षेत्रों तक ले जाने की योजना है।
रांका ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अभियान के तहत स्कूलों की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण किया जाएगा और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को सामने लाया जाएगा।
उदयपुर, डूंगरपुर और बांसवाड़ा से शुरुआत
CJP के मुताबिक पहले चरण में उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा समेत राजस्थान के आदिवासी आबादी वाले क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों का दौरा किया जाएगा। इसके बाद गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों तक अभियान ले जाने की योजना बताई गई है।
अभियान में स्कूल भवन, कक्षाओं, पेयजल, शौचालय, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को दर्ज करने की बात कही गई है।
CJP का दावा- 15 हजार से ज्यादा स्कूलों का ऑडिट
रांका ने दावा किया कि CJP के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के तहत अब तक देशभर में 15 हजार से ज्यादा और राजस्थान में 500 से अधिक स्कूलों का ऑडिट किया जा चुका है।
CJP का कहना है कि दूसरे चरण में आदिवासी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देकर वहां की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को सामने लाया जाएगा।
‘आशीर्वाद का दिया’ अभियान से जोड़ा
राजस्थान सरकार की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर स्कूल-कॉलेजों में ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाने की पहल का जिक्र करते हुए रांका ने कहा कि CJP भी आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों में जाकर दिया जलाएगी।
उन्होंने इसे स्कूलों की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करने के अभियान से जोड़ते हुए कहा कि इसके माध्यम से सरकार का ध्यान इन संस्थानों की समस्याओं की तरफ जाएगा।
पुराने स्कूल भवनों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया
CJP ने राजस्थान में स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। रांका ने झालावाड़ में जुलाई 2025 में स्कूल भवन गिरने की घटना का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी हादसे का इंतजार करने के बजाय स्कूलों की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं की पहले से जांच होनी चाहिए।
CJP के अभियान का फोकस केवल स्कूलों की कमियां दर्ज करने के बजाय उन्हें संबंधित अधिकारियों के सामने रखने और सुधार के लिए फॉलोअप करने पर भी बताया गया है।
पहले भी स्कूल निरीक्षण को लेकर विवाद हुआ था
CJP की स्कूल अभियान से जुड़ी गतिविधियां पहले भी विवाद में रही हैं। अगस्त 2026 में जयपुर के रामपुरा-कंवरपुरा गांव में सरकारी स्कूल के निरीक्षण के दौरान CJP टीम और स्थानीय लोगों के बीच विवाद की खबरें सामने आई थीं। CJP की ओर से टीम के साथ धक्का-मुक्की और हमले के आरोप लगाए गए थे।
राजनीति में उतरने के सवाल पर रांका का जवाब
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब CJP के भविष्य में चुनावी राजनीति में उतरने को लेकर सवाल पूछा गया, तो रांका ने कहा कि फिलहाल संगठन का ध्यान स्कूल और कॉलेजों की स्थिति सुधारने पर है।
CJP का कहना है कि अभियान के जरिए आदिवासी क्षेत्रों के स्कूलों की जमीनी स्थिति सामने लाई जाएगी और स्थानीय लोगों के साथ मिलकर बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को संबंधित स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
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