जयपुर में ई-चालान के नाम पर 1.40 लाख की ऑनलाइन ठगी: लिंक क्लिक करते ही मोबाइल हैक, बैंक खाते से निकले रुपए
साइबर ठगों ने फर्जी ई-चालान का मैसेज भेजकर लिंक पर क्लिक करवाया; क्रेडिट कार्ड की डिटेल हासिल कर कुछ ही सेकेंड में निकाली रकम

जयपुर। जयपुर में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठगों ने वाहन मालिक को फर्जी ई-चालान का मैसेज भेजकर पेमेंट के लिए लिंक उपलब्ध कराया। लिंक पर क्लिक करने के बाद मोबाइल हैक हो गया और साइबर ठगों ने बैंक एवं क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर करीब 1.40 लाख रुपए निकाल लिए।
पीड़ित ने मामले की शिकायत झोटवाड़ा थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ई-चालान के नाम पर भेजा पेमेंट लिंक
पुलिस के अनुसार विजय नगर निवासी दीपक कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित के मुताबिक पिछले दिनों उसके मोबाइल पर ई-चालान से संबंधित एक मैसेज आया था। मैसेज में चालान का भुगतान करने के लिए एक लिंक दिया गया था।
दीपक ने चालान और उसके पेमेंट की जानकारी लेने के लिए लिंक पर क्लिक किया। लिंक खोलने के बाद पेमेंट के लिए क्रेडिट कार्ड का विकल्प सामने आया। इसी दौरान कुछ ही समय में उनका मोबाइल हैक हो गया।
साइबर ठगों ने क्रेडिट कार्ड से संबंधित बैंक डिटेल हासिल कर ली। इसके बाद खाते से करीब 1.40 लाख रुपए निकाल लिए गए। रकम निकलने का मैसेज मोबाइल पर आने के बाद पीड़ित को साइबर ठगी का पता चला।
इससे पहले भी 4.67 लाख की ठगी
जयपुर में ई-चालान के नाम पर साइबर ठगी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले शिप्रापथ इलाके में भी साइबर ठगों ने ई-चालान के नाम पर एक व्यक्ति से करीब 4.67 लाख रुपए की ठगी की थी।
लगातार सामने आ रहे मामलों के बाद पुलिस और साइबर विशेषज्ञ लोगों को फर्जी ई-चालान मैसेज से सावधान रहने की सलाह दे रहे हैं।
फर्जी लिंक और APK से मोबाइल हैक कर रहे साइबर ठग
साइबर अपराधी वाहन चालकों को ई-चालान, पेंडिंग चालान, वाहन की जानकारी अपडेट करने और RC/DL वेरिफिकेशन जैसे बहाने से फर्जी SMS, लिंक और ई-मेल भेज रहे हैं।
मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करने के बाद कई मामलों में फर्जी वेबसाइट खुलती है। कुछ मामलों में मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड करवाने की कोशिश भी की जाती है।
ऐसी फाइल मोबाइल में इंस्टॉल होने के बाद मालवेयर या अन्य तकनीकों के जरिए साइबर अपराधी बैंकिंग संबंधी जानकारी, OTP और मोबाइल डेटा तक पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
फर्जी ई-चालान से ऐसे बचें
- अनजान SMS या WhatsApp मैसेज में आए ई-चालान लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी भी वेबसाइट से APK फाइल डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- चालान की जानकारी केवल आधिकारिक सरकारी पोर्टल या विश्वसनीय माध्यम से जांचें।
- किसी अनजान व्यक्ति को OTP, PIN, CVV या बैंकिंग जानकारी न दें।
- मोबाइल में संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत बैंक से संपर्क कर कार्ड/खाते को सुरक्षित करें।
- साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और संबंधित बैंक को भी सूचित करें।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए लिंक तथा लेन-देन की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।




